६ ---
"प्रात:"
जितना बुहारा --
आँगन ,
उतना ही --
भरा ;
धूप -चिंदियों से ---
चीड़ -वन ।
७ ---
"साँझ"
चीडों के ---
सिर चढ़ी,
पैर घसीटती ;
लौट चली ---
थकी -मंदी;
धुप ।
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६ ---
"प्रात:"
जितना बुहारा --
आँगन ,
उतना ही --
भरा ;
धूप -चिंदियों से ---
चीड़ -वन ।
७ ---
"साँझ"
चीडों के ---
सिर चढ़ी,
पैर घसीटती ;
लौट चली ---
थकी -मंदी;
धुप ।
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